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शनिवार, 6 मई 2023

पीo एमo मित्र पार्क

pm mitra park

परिचय

इस परियोजना को प्रधान मंत्री मोदी द्वारा 6 अक्टूबर 2021 में प्रारम्भ किया गया था।योजना का लक्ष्य भारत में स्थापित टेक्सटाइल उद्योग को विश्व भर में नामांकित कंपनियों में स्थान प्रदान कराना हैं।यह तभी संभव हो सकता है,जब भारत की टेक्सटाइल ड्यूटी काम पैसे में कपड़े का उत्पादन कर सके ।.इसी प्लान के चलते इस परियोजना को प्रारम्भ किया गया हैं।

इस योजना के माध्यम से टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए ज़रूरी स्पिनिंग,बुनाई,प्रोसेसिंग, डाई और प्रिंटिंग जैसे सभी कार्य एक हि छत के नीचे किया जायेंगे।.इस प्रकार कपड़े के उद्योग में हो रहे लॉजिस्टिक के खर्च को बचाया जा सकता है। "पीएम मित्र योजना" प्रधान मंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम (पीएम मित्र) योजना को संदर्भित करती है, जिसे भारत सरकार द्वारा देश में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के विकास को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था। हालाँकि, कृपया ध्यान दें कि मेरा ज्ञान कटऑफ सितंबर 2021 में है, और तब से योजना में अपडेट या बदलाव हो सकते हैं

कहां बनेगा पार्क

PM Mitra Park उसी जगह बनाए जाएंगे जहां पानी की व्यवस्था,कम पैसों में भूमि की व्यवस्था,और लेबर खर्च थोड़ा कम होगा।.क्युकी पी. एम. मित्र पार्क से ही कपड़े बनाने से लेकर,उसकी डिज़ाइनिंग, मार्केटिंग और एक्सपोर्ट जैसे कार्य किए जायेंगे।

यह परियोजना प्रारम्भ में महाराष्ट्र ,मध्य प्रदेश,गुजरात,उत्तर प्रदेश,कर्नाटक,तमिलनाडु, तेलंगाना में प्रारम्भ की जायेगी। पीएम मित्र योजना का उद्देश्य सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करना है, जो आम तौर पर खाद्य उत्पादों के प्रसंस्करण, संरक्षण और पैकेजिंग जैसी गतिविधियों में शामिल छोटे पैमाने के व्यवसाय हैं। यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उद्यमिता और रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करती है।

ग्रीन फील्ड, ब्राउन फील्ड के तहत योजना का आवंटन

योजना के तहत (ग्रीन फील्ड) यानी नई प्रारम्भ किए जाने वाले प्रोजेक्ट के लिए सरकार 500 करोड़ रुपए की राशि तक तथा (ब्राउन फील्ड) यानी पहले से चल रहे प्रोजेक्ट के लिए 300 करोड़ की राशि तक देने की बात कही गई हैं।इसके साथ ही टेक्सटाइल पार्क में प्रतिस्पर्धा जाग्रत करने के लिए या उच्च प्रदर्शन करने पर इनाम प्रोत्साहन देने के लिए 300 करोड़ की अन्य राशि का आवंटन किया गया हैं।

परियोजना का लक्ष्य

योजना का लक्ष्य करीब 21 लाख लोगो को रोजगार प्रदान कराना अनुमानित किया गया है। इनमें लगभग 7 लाख टेक्सटाइल व्यापार से जुड़ी नौकरीयां है तथा अन्य 14 लाख रोजगार के अवसरों को भी जोड़ा गया है। एक पार्क से लगभग 3 लाख रोजगार सृजित करने के उम्मीद है। पीo एमo मित्र पार्क एरिया को 50% मैन्युफैक्चरिंग, 20% यूटिलिटीज,और 10% एरिया कमर्शियल उपयोग के लिए रखा जाएगा। परियोजना को सर्वजनीक,निजी भागीदारी मोड़ में एक विशेष परियोजना वाहन SPV (special purpose vehicle) के ज़रिये विकसित किया जाएगा। इसका स्वामित्व केंद्र व राज्य सरकार के पास होगा।

  1. सरकार द्वारा इस परियोजना पर 4,445 करोड़ खर्च किया जाएगा।.योजना का मुख्य लक्ष्य भारत में बने कपड़ो को मांग को विदेशों में विकसित करना हैं।
  2. भारत में जो भी कम्पनी या यूनिट शुरआत में बड़ा निवेश करने की इच्छुक होगी ,उन्हे सरकार द्वारा 3 साल के भीतर 30 करोड़ रुपए आर्थिक सहायता भी प्रदान करेंगी। नियमानुसार  जोभी कम्पनी या यूनिट काम से काम 100 लोगो को रोजगार देगी वही इसके पत्र होंगे।.
  3. पी०एम ० मित्र परियोजना में 5F यानी (From to Fibre to Factory to Fashion to Forigen) की रणनीति के आधार पर काम किया जायेगा ।
  4. इसके साथ ही टेक्सटाइल पार्क में टॉप क्लास इन्फ्रास्ट्रकचर का निर्माण किया जायेगा।

भारतीय वस्त्र उद्योग की विशेषता 

यह भारतीय अर्थ व्यवस्था के सबसे पुराने उद्योग में से एक है। यह पारंपरिक कौशल,विरासत तथा संस्कृति का भण्डार एवं वाहक है। यह भारतीय GDP यानि सकल घरेलू उत्पाद में 2.3% की तथा उद्यौगिक उत्पादन में 7%, भारत के निर्यात आय में 12%,और कुल रोजगार आय में 21% का योगदान देता है। भारत 6% वैश्विक हिस्सेदारी के साथ तकनीकी वस्त्र  उद्योग का छठा और कपास और जूट का सबसे बड़ा उत्पादक देश है।. रेशम उत्पादक बड़े देशों में भारत दूसरे स्थान पर है। हथकरघा कपड़ो के निर्माण में भारतीय हिस्सेदारी 95 % से अधिक है।

तकनीकी वस्त्र 

यह कार्यात्मक कपड़े या कार्य के दौरान पहने जाने वाली यूनिफॉर्म होती हैं। इसका प्रयोग ऑटोमोबाइल,सिविल इंजिनियरिंग और कृषि निर्माण,स्वास्थ्य देखभाल,उद्योगिक सुरक्षा,व्यक्तिगत सुरक्षा आदि सहित विभिन्न उद्योगों में इनका प्रयोग होता हैं।

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सत्र 2000-20 तक 

20,468.62 करोड़ का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त हुआ है। भारत में अप्रैल 2000 से सितंबर 2020 तक के समय काल में । ये कुल विदेशी निवेश का 0.69 प्रतिशत अनुमानित है।

पीएम मित्र योजना की मुख्य विशेषताओं में शामिल हो सकते हैं

1. वित्तीय सहायता योग्य सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम अपनी इकाइयों को स्थापित करने या अपग्रेड करने के लिए सब्सिडी या अनुदान के रूप में वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं। यह योजना बुनियादी ढांचे के विकास, मशीनरी और उपकरणों की खरीद,पैकेजिंग,ब्रांडिंग और मार्केटिंग जैसी गतिविधियों के लिए सहायता प्रदान करती है।

2.तकनीकी सहायता-यह योजना उद्यमियों को उत्पाद विकास,गुणवत्ता सुधार,खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन और प्रशिक्षण सहित खाद्य प्रसंस्करण के विभिन्न पहलुओं में मदद करने के लिए ज्ञान भागीदारों या विशेष एजेंसियों के माध्यम से तकनीकी सहायता प्रदान करती है।


3.क्षमता निर्माण पीएम मित्र योजना खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों,विपणन रणनीतियों और व्यवसाय प्रबंधन के बारे में उनकी समझ को बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों,कार्यशालाओं और एक्सपोजर यात्राओं के माध्यम से उद्यमियों के कौशल विकास और क्षमता निर्माण पर केंद्रित है। 

4. बाजार संपर्क इस योजना का उद्देश्य सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को संभावित खरीदारों, वितरकों, खुदरा विक्रेताओं और ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों के साथ जोड़कर बाजार संबंधों को सुविधाजनक बनाना है। इससे उद्यमियों को अपनी बाज़ार पहुंच बढ़ाने और व्यापक ग्राहक आधार तक पहुंचने में मदद मिलती है।.पीएम मित्र योजना पर सबसे सटीक और नवीनतम जानकारी प्राप्त करने के लिए,मैं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय या प्रधान मंत्री कार्यालय जैसे आधिकारिक सरकारी स्रोतों का संदर्भ लेने या हाल के समाचार लेखों के लिए ऑनलाइन खोज करने की सलाह देता हूं। या योजना पर अद्यतन।

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